– ब्रज के मंदिरों, यमुना घाटों, कुंडों और सड़कों पर गंदगी फैलाने वालों को दिया स्वच्छता का संदेश
– ब्रजवैभव अभियान के तहत हार्टफुलनेस की प्रस्तुति, श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों और दुकानदारों से भी सहयोग की अपील
मथुरा। भगवान श्रीराधा-कृष्ण के दर्शन और उनकी लीलास्थली की रज माथे से लगाने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और गोकुल आते हैं। लेकिन विडंबना है कि जिन आराध्य के धाम में लोग श्रद्धा से शीश झुकाते हैं, उसी भूमि को कूड़ा-कचरा फैलाकर प्रदूषित भी करते हैं। सड़कों और नालियों में फेंकी जा रही पानी की खाली बोतलें, प्लास्टिक और खाद्य पदार्थों के रैपर के साथ यमुना के घाटों पर पसरी गंदगी ब्रज की पवित्रता पर सवाल खड़े करती है। आखिर अपने आराध्य के धाम को गंदा कर कैसी भक्ति? इसी सवाल को ब्रजरज उत्सव में नाटक के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से उठाया गया।
ब्रजवैभव अभियान के तहत हार्टफुलनेस की ओर से धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड स्थित उत्सव के मंच पर ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ थीम पर नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने संदेश दिया कि श्रीराधा-कृष्ण के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल मंदिरों में दर्शन, पूजा और भजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी लीलाभूमि, यमुना, कुंडों, सरोवरों और घाटों को स्वच्छ रखना भी भक्ति का अभिन्न अंग है।
प्रस्तुति में श्रद्धालुओं से अपील की गई कि ब्रज यात्रा के दौरान सड़कों, नालियों और यमुना के घाटों पर कूड़ा न फेंकें। वहीं स्थानीय लोगों और दुकानदारों से भी आग्रह किया गया कि दुकानों और प्रतिष्ठानों का कचरा सार्वजनिक स्थलों पर न डालें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। ब्रजवासियों को अपने आचरण से स्वच्छता की मिसाल पेश करने का संदेश दिया गया।
नाटक का भावपूर्ण संदेश था कि ब्रजभूमि केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की अमूल्य धरोहर है।
कन्हैया के धाम में शीश झुकाने के साथ उसके घाटों, गलियों और सड़कों को स्वच्छ रखना भी हमारा धर्म है। आराध्य के प्रति सच्ची भक्ति तभी सार्थक होगी, जब हम उनके धाम की पवित्रता और सुंदरता को बनाए रखने का संकल्प निभाएंगे।


