अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई-7 द्वारा विकसित भारत अभियान के राष्ट्रीय संकल्प समारोह के तहत नशा मुक्त युवा कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित व राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार राजनारायण सिंह ने कार्यक्रम काे संबोधित करते हुए कहा कि भारत में बढ़ता नशे का प्रकोप समाज और युवा पीढ़ी के लिए गंभीर चुनौती है। युवाओं का दायित्व है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों, परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
नशा व्यक्ति की सोच, विवेक, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। कुछ समय के लिए यह भले ही राहत का एहसास कराए, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति के जीवन, परिवार और लक्ष्यों को बर्बाद कर देता है। युवाओं में इतनी शक्ति और आत्मबल है कि वे सामूहिक प्रयास से नशे जैसी बुराई के खिलाफ बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
युवाओं को नशे का नहीं, राष्ट्रप्रेम, देशसेवा, अपने करियर और माता-पिता के सपनों को पूरा करने का जुनून रखना चाहिए। जब युवा शक्ति सही दिशा में आगे बढ़ेगी तो स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि नशे जैसी बुराई से दूर रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व भी है। हमें अपने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे के लिए स्थान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब उसे जीवन में उतारा जाए। आज लिया गया संकल्प केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि जीवन भर निभाया जाए।
छात्र यश जयसवाल ने नाटक की प्रस्तुति से नशा न करने का संदेश दिया। प्रो. दिनेश शर्मा ने नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस समन्वयक डा. पूनम रानी व कार्यक्रम अधिकारी डा. मनीष राव रहे।
इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार, डा. लव मित्तल, डा. संजय पाल, योगेश कौशिक आदि थे।


