रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। विश्व विख्यात तीर्थस्थल नैमिषारण्य स्थित चक्रतीर्थ के मुख्य द्वार पर गंदे नाले का पानी जमा होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि श्रद्धालुओं को कीचड़ और गंदगी के बीच से होकर दंडवत करते हुए तीर्थ में प्रवेश करना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है। चक्रतीर्थ जैसे पवित्र स्थल के प्रवेश द्वार पर जलभराव और गंदगी के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा के साथ-साथ दुर्गंध का भी सामना करना पड़ रहा है। नाले की नियमित सफाई न होने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नैमिषारण्य दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन तीर्थस्थल के मुख्य द्वार की यह बदहाल स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि विधायक, सांसद तथा मिश्रिख नगर पालिका के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दे सके हैं।
समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नाले की सफाई कराने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि तीर्थ में आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में मिश्रिख नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी योग विंध्याचल ने बताया कि क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण नाला क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही पाइप लाइन डालकर जल निकासी की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी और समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।