कसौटी पर परखे जाएंगे लिपिक, फेल हुए तो होगा डिमोशन।

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मथुरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिकों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। विभाग में डिजिटल कामकाज और ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद भी कंप्यूटर और टाइपिंग में फिसड्डी साबित हो रहे बाबुओं (लिपिकों) के खिलाफ अब सीधी कार्रवाई की तैयारी है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने एक आदेश जारी करते हुए सभी परिषदीय कनिष्ठ सहायकों को एक महीने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। तय समय सीमा के भीतर कंप्यूटर संचालन और टाइपिंग स्पीड में सुधार न करने वाले कर्मियों को सीधे डिमोट (वर्तमान पद से निम्न पद पर आसीन) कर दिया जाएगा।

बीएसए की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में संपूर्ण कार्यालयीन कार्य प्रणाली पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और ई-ऑफिस आधारित हो चुकी है। ऐसे में लिपिकीय संवर्ग के लिए कंप्यूटर संचालन और हिंदी/अंग्रेजी टाइपिंग में दक्षता अनिवार्य है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कई कार्मिकों ने अब तक अपेक्षित टाइपिंग स्पीड हासिल नहीं की है, जिसकी वजह से विभागीय कार्यों के निपटारे में अनावश्यक देरी होती है।

बीएसए रतन कीर्ति ने बताया कि अगले एक महीने के भीतर सभी संबंधित कर्मियों को अपनी क्षमता सुधारनी होगी। इसके तुरंत बाद एक अनिवार्य टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा। जो भी बाबू निर्धारित मानकों के अनुरूप दक्षता प्रदर्शित करने में असफल पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार डिमोशन की प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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