रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
सीतापुर। सीतापुर से सांसद अशोक रावत ने मिश्रिख विद्युत उपखंड के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) रत्नेश कुमार पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और खराब कार्यशैली के गंभीर आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। सांसद ने मामले की जांच कर एसडीओ के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई, निलंबन तथा उनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है।
प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में सांसद ने कहा कि मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र में तैनात एसडीओ की कार्यप्रणाली शासन की मंशा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की विद्युत लाइनें अत्यंत जर्जर हैं और उनका समय पर रखरखाव नहीं किया जाता। नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने या तार जलने की स्थिति में कई दिनों तक मरम्मत नहीं होती, जबकि लाइन फॉल्ट ठीक करने में भी अत्यधिक विलंब किया जाता है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
सांसद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि स्थानीय व्यापारी कन्हैया गुप्ता के शपथ पत्र के अनुसार उनसे कथित रूप से एक लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। इसके अलावा नगर के सभासदों एवं स्थानीय लोगों के प्रार्थना पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि रात के समय एसडीओ के निर्देश पर लाइनमैन द्वारा बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है और उसे पुनः चालू कराने के लिए स्थानीय लोगों से तीन से पांच हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसडीओ अपने उपखंड कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते तथा सीतापुर अथवा नैमिषारण्य में अन्य स्थानों पर ठहरते हैं, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं।
सांसद अशोक रावत ने प्रबंध निदेशक से मांग की है कि स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए शपथ पत्र एवं शिकायतों का संज्ञान लेकर एसडीओ रत्नेश कुमार के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जाए तथा उनकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने मामले में की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने का भी अनुरोध किया है।