गोरखपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने पर्यावरण स्थिरता पर आधारित “इन्वायरमेंट सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट-2026” का विमोचन किया तथा अधिकारियों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।





कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक ने यांत्रिक विभाग द्वारा स्थापित सोलर पावर प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। रेलवे स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी पर्यावरण जागरूकता पर प्रदर्शनी लगाई।
अपने संबोधन में महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों के संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2025 में पूर्वोत्तर रेलवे को भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए रेलवे की खाली भूमि पर फलदार वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया।
मुख्य वक्ता एवं पर्यावरणविद् अजय सिंह ने कहा कि रेलवे के पास उपलब्ध भूमि और संसाधनों का उपयोग जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, बायो-टॉयलेट, वृक्षारोपण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पहलों को पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण विषयक वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई तथा पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रेलकर्मियों और क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कला समिति के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसी क्रम में एनई रेलवे हायर सेकेंड्री स्कूल परिसर में प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।