रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। बिहार में युवा समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में विकास मार्केट स्थित गांधी प्रतिमा पर कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि भरत भूषण तिवारी विस्थापित एवं जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले युवा समाजसेवी थे। उनका कहना था कि गंगा नदी के कटाव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भरत लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहते थे और जनहित के मुद्दों को उठाते थे।
मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का अवसर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराए जाने तथा कथित फर्जी मुठभेड़ के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कैंडल मार्च का संचालन जिला महासचिव वैद्य मनोज गौड़ ने किया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि, जिला उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी, रूपा लवानिया, विपुल पाठक, जिलानी कादरी, आशीष अग्रवाल, अबरार कुरैशी, योगेश यादव, लक्ष्य गौड़, गौरांग अग्रवाल, अरनव चौधरी, अनवर फारुकी, अमित राज, हाशिम, अनिल खरे, अभय प्रताप सिंह, बलवीर सिंह, अर्पित सिंह, योगेश ठाकुर, नवीन प्रजापति, गौरव सिंह, राजेंद्र शर्मा, दीपक मौर्य, राजेश कुमार, राकेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।