प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन को मरीजों के उपचार, दवा वितरण, साफ-सफाई और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर कई सख्त निर्देश दिए।
डीएम ने न्यूरोसर्जरी और नेफ्रोलॉजी ओपीडी में पहुंचकर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सिटी स्कैन कक्ष, दवा वितरण काउंटर, जनऔषधि केंद्र, ट्रॉमा सेंटर, एक्स-रे कक्ष सहित विभिन्न चिकित्सा कक्षों का निरीक्षण किया।
बाहर की दवा लिखने पर होगी कार्रवाई
दवा वितरण काउंटर के निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों के पर्चे स्वयं देखकर अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में मरीजों के पर्चे पर बाहर से खरीदने वाली दवाएं न लिखी जाएं। अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को लिखी जाएं।
यदि कोई आवश्यक दवा अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को अस्पताल परिसर स्थित जनऔषधि केंद्र से दवा लेने के लिए गाइड किया जाए। इसके लिए संबंधित पर्चे पर जनऔषधि केंद्र की मोहर लगाने के भी निर्देश दिए गए। डीएम ने चेतावनी दी कि बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को जनऔषधि केंद्र में उपलब्ध दवाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा केंद्र प्रभारी को निर्धारित मानकों के अनुरूप दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
दो कर्मचारी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान आर्थो वार्ड नंबर-1 में वार्ड ब्वॉय सोम सिंह और आर्थो वार्ड नंबर-2 में शाहिद अली अनुपस्थित मिले। डीएम ने दोनों के संबंध में स्पष्टीकरण लिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सेवा प्रदाता एजेंसियों को रोस्टर के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने अस्पताल परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के घूमने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए।
एक और एमआरआई मशीन का प्रस्ताव मांगा
अस्पताल के प्रधानाचार्य ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में एक एमआरआई मशीन उपलब्ध है। मरीजों की संख्या को देखते हुए एक और मशीन की आवश्यकता बताई गई। इस पर जिलाधिकारी ने एक अतिरिक्त एमआरआई मशीन के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक्स-रे की रिपोर्ट भी मरीज को देने के निर्देश
एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रतिदिन होने वाले एक्स-रे की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को एक्स-रे फिल्म के साथ उसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।
साफ-सफाई और मरीजों के व्यवहार पर जोर
डीएम ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने, भर्ती मरीजों की बेडशीट नियमित रूप से बदलने, पेयजल की उचित व्यवस्था रखने और चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीजों का समय से उपचार हो और किसी मरीज को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को मरीजों एवं उनके तीमारदारों के साथ अच्छा और संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी तथा समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मां की रसोई का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनय सिंह सहित संबंधित चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।


