नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी के कल्याण, शुभता, सुरक्षा, शांति, ज्ञान और समृद्धि की कामना से जुड़ा एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस सुभाषित में भगवान इंद्र, भगवान सूर्य, भगवान गरुड़ और भगवान बृहस्पति से सभी के लिए मंगल और आशीर्वाद की कामना की गई है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्सÓ पर संस्कृत का यह सुभाषित साझा किया—
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा:।
स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा:।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमि:।
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥
इस सुभाषित में सभी के लिए सुख, समृद्धि, सुरक्षा, शांति और सद्बुद्धि की कामना की गई है। इसके अनुसार, वैभवशाली और यशस्वी भगवान इंद्र सभी को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें।
सुभाषित में भगवान सूर्य को संपूर्ण ब्रह्मांड का ज्ञाता और सभी का पालन-पोषण करने वाला बताया गया है। उनसे सभी के लिए मंगल और कल्याण की कामना की गई है। वहीं, विघ्नों का नाश करने वाले भगवान गरुड़ से सभी की रक्षा करने का आशीर्वाद मांगा गया है।
इसी क्रम में ज्ञान के देवता भगवान बृहस्पति से सभी को शांति, सद्बुद्धि और समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह संस्कृत सुभाषित सामूहिक कल्याण, सुरक्षा, ज्ञान, शांति और समृद्धि की भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में निहित भावना को व्यक्त करता है।


