•हाईकोर्ट बार एसोसिएएशन के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं राधाकांन्त
•भाई शिवाकांत ओझा थे उप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा को भाजपा द्वारा राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाये जाने पर प्रयागराज और प्रतापगढ़ के अधिवक्ताओं से खुशी की लहर दौड़ गई है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दांव खेलते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा को अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज के मूल निवासी राधाकांत ओझा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। तीसरी बार अध्यक्ष बनने के लिए उन्होंने इस बार भी मैदान में थे लेकिन उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। प्रयागराज मे ओझा का बेली अस्पताल के पास स्टेनली रोड पर आवास है।
राज्यसभा प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के बाद उनको बधाई देने वालों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे।
सोमवार को घोषित भाजपा की आठ उम्मीदवारों की सूची में राधाकांत ओझा का नाम शामिल होने के बाद न्यायिक व राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 16 अक्तूबर को होने वाले मतदान से पहले नामांकन प्रक्रिया छह अक्तूबर को संपन्न हो रही है। लंबे समय तक बार की राजनीति और वकालत में सक्रिय रहे ओझा का प्रत्याशी बनना क्षेत्र के विधिक समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वकालत से बार की शीर्ष राजनीति तक का सफर
38 वर्षों का कानूनी अनुभव रखने वाले राधाकांत ओझा ने वर्ष 1988 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से वकालत की शुरुआत की थी। वे राज्य के प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। दो बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। वे पहली बार 2015 में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद दिसंबर 2021 में अधिवक्ताओं के भारी समर्थन के साथ वे पुनः अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। ओझा उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय केशरीनाथ त्रिपाठी के बेहद खास माने जाते थे। छात्र जीवन (1977) से शुरू हुआ यह जुड़ाव हाईकोर्ट में वकालत के दौरान और गहरा हुआ। ओझा के बड़े भाई शिवाकांत ओझा प्रतापगढ़ में रानीगंज से विधायक थे और सपा सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई अहम मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री रहे।

