लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2025 में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक साल्वर को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बायोमेट्रिक और आइरिस सत्यापन के दौरान गड़बड़ी सामने आने पर आरोपी पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कानपुर देहात में तैनात है और अपने मित्र को नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख रुपये में उसकी जगह परीक्षा देने की बात तय हुई थी।पुलिस के मुताबिक चार अक्टूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की ओर से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2025 का आयोजन नेशनल पीजी कॉलेज, ब्लॉक-बी, हजरतगंज स्थित परीक्षा केंद्र पर किया जा रहा था। परीक्षा के दौरान स्टैटिक मजिस्ट्रेट नृपेन्द्र सिंह ने केंद्र पर मौजूद पुलिस बल को बताया कि अभ्यर्थी शशांक कुमार मिश्रा का आइरिस मैच नहीं हो रहा है। इसके बाद उसके बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन की दोबारा जांच की गई।
परीक्षा समाप्त होने के बाद संदिग्ध अभ्यर्थी को रोककर पहचान पत्र मांगा गया, लेकिन उसने पहचान पत्र देने से इनकार कर दिया। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, आयोग के अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपना वास्तविक नाम जयशंकर त्रिपाठी पुत्र जय प्रकाश त्रिपाठी, निवासी ईडब्ल्यू-290, विकासनगर विस्तार, थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर, उम्र करीब 37 वर्ष बताया। उसने स्वीकार किया कि वह अपने मित्र शशांक कुमार मिश्रा के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में जयशंकर त्रिपाठी ने बताया कि वह रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कानपुर देहात में तैनात है। उसने अपने मित्र शशांक कुमार मिश्रा को नौकरी दिलाने के उद्देश्य से उसकी जगह परीक्षा देने की बात स्वीकार की। इसके लिए दोनों के बीच 10 लाख रुपये में परीक्षा देने की बात तय हुई थी।आरोपी ने शशांक कुमार मिश्रा के वोटर आईडी कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर कूटरचित पहचान पत्र तैयार किया था और उसी के आधार पर परीक्षा में शामिल होने का प्रयास किया। आइरिस सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने के बाद उसकी पहचान उजागर हो गई।
स्टैटिक मजिस्ट्रेट की लिखित तहरीर पर थाना हजरतगंज में मुकदमा संख्या 209/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस और धारा 8/13(5) उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना सहायक पुलिस आयुक्त हजरतगंज को सौंपी गई है। हजरतगंज पुलिस ने आरोपी जयशंकर त्रिपाठी को चार अक्टूबर की रात 23:35 बजे हिरासत में लिया। पुलिस उसे नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिमन्यु कुमार, उपनिरीक्षक आकाश कुमार और कांस्टेबल रोहित कुमार थाना हजरतगंज शामिल रहे।


