•नौ उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, अनियमितता मिलने पर प्रशासन ने की कार्रवाई
मथुरा। जिले में उर्वरक की बिक्री में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित 10 टीमों ने जिले के 10 विकासखंडों में 46 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक छापेमारी की। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर नौ उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि चार विक्रेताओं के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर खाद की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि चार नवंबर को जिलाधिकारी के आदेश पर उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच के लिए 10 टीमें गठित की गई थीं। उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में इन टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। जांच में गड़बड़ी मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
इन नौ विक्रेताओं को नोटिस
रबी खाद बीज भंडारा मंडी चौराहा, आईएफएफडीसी अवैरनी, मीनू खाद बीज भंडार माट, एग्री जंक्शन केंद्र माट रोड, रबी खाद भंडार माट, नवीन खाद बीज भंडार माट, गौरव खाद बीज भंडार जमुनावता गोवर्धन, आईएफएफडीसी बरसाना और राधे-राधे कृषि सेवा केंद्र माट रोड राया को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
चार विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
चौधरी एग्रो एजेंसी फरह, अग्रवाल खाद बीज भंडार फरह, दक्षित खाद बीज भंडार फरह और पारस खाद भंडार फरह के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए गए हैं। इनके खाद के क्रय-विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
बिना पीओएस मशीन के न खरीदें खाद
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर बिक्री रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराएं और हस्ताक्षर करने के बाद ही खाद प्राप्त करें। खाद खरीदने के लिए एफआईडी, खतौनी की नकल और आधार कार्ड से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना भी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई सहकारी या निजी उर्वरक विक्रेता बिना पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाए खाद बेचता है तो इसकी शिकायत मोबाइल नंबर 8272893015 पर की जा सकती है। शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


