30 लाख रुपये के भुगतान के एवज में मांगा था कमीशन, आगरा विजिलेंस टीम की कार्रवाई से विकास विभाग में मचा हड़कंप।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिले के विकास विभाग में कथित कमीशनखोरी के मामले में आगरा विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस एसपी राजीव अग्रवाल के निर्देशन में आगरा इकाई की टीम ने मथुरा स्थित राजीव भवन से एक पंचायत सचिव को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विकास विभाग में हड़कंप मच गया।
मामला गोवर्धन ब्लॉक की अड़ींग ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत ठेकेदार परवेज अहमद ने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण के कार्य कराए थे। इन निर्माण कार्यों के एवज में ठेकेदार का करीब 30 लाख रुपये का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि भुगतान कराने के बदले पंचायत सचिव मनीष भंडारी ने ठेकेदार से 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस संबंध में एक लाख रुपये एडवांस देने पर सहमति बनी। शुक्रवार को ठेकेदार परवेज अहमद एक लाख रुपये लेकर मथुरा स्थित राजीव भवन पहुंचा। उसके साथ विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर राकेश यादव भी मौजूद थे।
बताया गया कि जैसे ही पंचायत सचिव ने एक लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद आगरा विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से विकास विभाग में खलबली मच गई।


