9 मोहर्रम की “कत्ल की रात”: सभी ताजियों ने इमामबाड़ों से उठकर परम्परागत मार्गों पर की रात भर गश्त।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। गुरुवार को हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में 9 मोहर्रम की रात मथुरा गम और अकीदत में डूबा रहा।
मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में सैयद मोहम्मद हैदर रिजवी के नेतृत्व में अलम और बड़ा दुलदुल का जुलूस इमामबाड़ा नक्कारची टीला से मातमी माहौल में निकाला गया। शाम 7 बजे जुलूस का आगाज़ होते ही “या हुसैन, या हुसैन” की सदाओं से पूरा इलाका गूंज उठा।

जुलूस नक्कारची टीला से चौक बाजार, घीया मंडी होते हुए भरतपुर गेट पहुंचा। भरतपुर गेट पर अजादारों ने जंजीर में बंधी छुरियों से सीने पीटकर जोरदार मातम किया। हर वार के साथ “हाय हुसैन” की सदा बुलंद हुई और आंखें आंसुओं से भर आईं। इसके बाद शिया मौलाना ने हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी और इस्लाम की हिफाजत के लिए दी गई शहादत पर तकरीर की।
खारी कुँआ, मनोहरपुरा, मटिया दरवाजा पर भी मातम हुआ। यहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने दुलदुल को दूध-जलेबी, चने की दाल पेश की। पारम्परिक मान्यता के अनुसार माताओं ने अपने छोटे-छोटे बच्चों को दुलदुल के नीचे से निकाला ताकि उन्हें हर मुसीबत से बचाया जा सके।
जुलूस बरबाद पाड़ा, गण्डी रामदास, गली चौबदारान, ठेक नारनौल, खिड़की बिसायती, हालनगंज, वृन्दावन गेट, गऊघाट, हनुमान टीला, कुशक गली, काजीपाड़ा, इमामबाड़ा, मानिक चौक से होते हुए देर रात नक्कारची टीला इमामबाड़ा आगा मिर्जा पर समाप्त हुआ।
9 मोहर्रम की “कत्ल की रात” में सभी ताजियेदारों के ताजिए रात भर अपने-अपने इमामबाड़ों से उठकर परम्परागत मार्गों पर गश्त करते रहे। ताजियादार जामा मस्जिद के सामने सब्जी बाजार में जमा हुए और वहां जोरदार मातमी प्रदर्शन किया। इसके बाद ताजिये जामा मस्जिद के पीछे से होते हुए चौक चौराहे पर बड़े ताजिये निकालने के लिए एकत्र हुए। चाह कठौती और गली पीरपंच के ताजिये होली गेट, छत्ता बाजार आदि बाजारों से मातम करते हुए चौक पहुंचकर शहर के ताजियों में शामिल हो गए। प्रातः 6 बजे तक सभी ताजिए अपने-अपने इमामबाड़ों पर वापस पहुंच गए।
गहवारे ताजिये के साथ कुशक का अखाड़ा और कठौती कुआं के ताजिये के साथ कठौती कुआं का अखाड़ा भी जुलूस में शामिल रहा। दोनों अखाड़े चौक में दो-दो घंटे जमे रहे। अखाड़ों के उस्ताद खलीफाओं ने तलवारबाजी और लाठी के हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को हैरान कर दिया।
पूरे मार्ग पर जगह-जगह लंगर लगाए गए। अकीदतमंदों ने मीठे दूध की सबील, खीर, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, मीठे पानी की प्याऊ और फल-फ्रूट का वितरण किया। मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष भूरा शेख और सचिव अबरार खान वारसी ने सभी अलमदारों, अखाड़ेदारों और ताजियादारों द्वारा जुलूस व गश्त सकुशल संपन्न करने पर आभार जताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन का भी शुक्रिया अदा किया जिसने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और हर कदम पर सहयोग दिया।
इस मौके पर भूरा शेख़ अध्यक्ष, अबरार खान वारसी सचिव, हाजी सूफी सईद हसन, जहीर अब्बास जैदी, बबलू कुरैशी, डॉ शबनम कुरैशी, शारिक अली एडवोकेट, आरिफ कुरैशी, कासिम गाजी, बदले खलीफा, निशाद अहमद, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी पत्रकार, सूफी जहीर, नासिर अली, क़ायम, नौशाद ख़ान, आशिफ कुरैशी, आरिफ खान, जीशान खान, इकरार अंसारी, नुशरत अली खान, नईम अब्बासी, शौकत खान आदि मौजूद रहे।