प्रयागराज। गंगा और यमुना में बाढ़ का पानी से शहर के कच्चे घाटों में कटान नजर आने लगी है। श कई घाटों में बाढ़ का पानी पक्की सीढ़ियां चढ़ने लगा है। 24 घंटे के अंदर यमुना में लगभग छह सेंटीमीटर तो गंगा में लगभग आठ सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है।
गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सुबह 8 बजे का आंकड़ों के मुताबिक फिर वृद्धि दर्ज की गयी। पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रयागराज में भी दिखाई देने लगा है। सुबह जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं और फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।
रविवार जारी आंकड़ों के मुताबिक नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 73.86 मीटर दर्ज किया गया। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर बढ़कर 77.93 मीटर और छतनाग में 73.61 मीटर पहुंच गया। पिछले 24 घंटों में फाफामऊ में जलस्तर 4 सेंटीमीटर और छतनाग में 6 सेंटीमीटर बढ़ा है। नैनी में जलस्तर लगभग स्थिर बना हुआ है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों के अनुसार जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं, घाटों पर सावधानी बरतें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
शहर के दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट और रसूलाबाद घाट पर गंगा में बाढ़ का प्रभाव दिखाई देने लगा है। शुक्रवार की रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 73.82 मीटर था, जो शनिवार की रात आठ बजे 73.88 मीटर पर आ गया था। इसी तरह गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 77.84 और छतनाग में 73.51 मीटर था। 24 घंटे बाद फाफामऊ में 77.91 और छतनाग में 77.59 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।