मुस्लिम कांवड़ियों को भगवा वस्त्र पहनकर ही गंगाजल लाना चाहिए: संत समाज

Vijaydoot News

•स्वामी यशवीर महाराज सहित कई संतों ने कांवड़ यात्रा में धार्मिक परंपराओं के पालन पर दिया जोर।

मथुरा। कांवड़ यात्रा में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी को लेकर संत समाज की ओर से विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। संतों का कहना है कि यदि कोई मुस्लिम श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होना चाहता है तो उसे सनातन परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि यदि मुस्लिम महिला या पुरुष श्रद्धा के साथ सनातनी परंपरा के अनुरूप भगवा वस्त्र धारण कर कांवड़ यात्रा करते हैं तो उनका स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि टोपी या बुरखा पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले कुछ लोग केवल प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से ऐसा करते हैं।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रकरण से जुड़े संतों ने भी कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन धर्म की धार्मिक परंपरा है और इसमें भाग लेने वालों को उसकी मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

उनका कहना था कि यदि मुस्लिम समाज का कोई व्यक्ति भगवान शिव के प्रति आस्था रखता है और कांवड़ यात्रा करना चाहता है, तो उसे सनातन रीति-रिवाजों का पालन करना चाहिए। कुछ संतों ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति पूर्ण रूप से सनातन परंपरा को अपनाना चाहता है तो वह धर्म परिवर्तन कर विधि-विधान के अनुसार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए कांवड़ यात्रा कर सकता है।

ब्रज क्षेत्र के अन्य संतों ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त करते हुए कांवड़ यात्रा की पारंपरिक धार्मिक मर्यादाओं के पालन पर जोर दिया।