रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। जनपद में जिलाधिकारी श्री पवन कुमार गंगवार के निर्देशन में एवं अपर जिलाधिकारी (वि०/राo) श्री विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में गुरुवार को जनपद के कुल 200 स्वयंसेवकों (आपदा मित्र एवं विंध्याचल क्षेत्र के नाविक) का “आपदा जोखिम न्यूनीकरण” विषय पर प्रशिक्षण तथा आगामी 18 अगस्त को निर्धारित मॉक एक्सरसाइज के पूर्व की टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित करते हुए चर्चा की गई, जिसमें स्वयंसेवकों के अतिरिक्त जनपद के विभिन्न विभागीय हितधारक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सर्वप्रथम जिलाधिकारी मीरजापुर द्वारा प्रशिक्षण में आए सभी स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए आपदा में सुरक्षित स्वयंसेवा करने के विषय पर प्रोत्साहित किया गया l किसी भी आपदा से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय पूर्व तैयारी एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन है।
प्रशिक्षण में आए समस्त नाविक एवं गोताखोरों में से उत्कृष्ट रूप से कार्य करते हुए लोगों की जान बचाने वाले चिन्हित गोताखोर एवं नाविकों को जिलाधिकारी मीरजापुर द्वारा प्रशस्ति पत्र देते हुए एवं शॉल ओढ़ाते हुए सम्मानित किया गया।
सम्मानित किए जाने वाले स्वयंसेवकों में कुल 8 गोताखोर नीरज, साजन, राहुल निषाद, चानिका निषाद, विक्की, तौलन, रामबाबू, सूरज एवं 4 नाविक सचिन निषाद, अर्जुन साहनी, राजेंद्र निषाद एवं सुजीत शामिल हैं।
जिलाधिकारी द्वारा स्वयंसेवकों को व्हिसल के प्रयोग करने पर एवं अग्निकांड आपदा की पूर्व तैयारी के संबंध में विषयों पर चर्च की गई है।
अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) श्री विनोद कुमार सिंह के द्वारा जनपद मीरजापुर की आपदा संवेदनशीलता के ऊपर व्याख्या दी गई एवं प्रशिक्षण में आए स्वयंसेवकों को मुख्यतः अग्निकांड एवं बाढ़ आपदा के दौरान की जाने वाली तैयारियों एवं स्वयंसेवकों को आम जनमानस से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। ।
अग्निशमन अधिकारी श्री अनिल प्रताप सरोज द्वारा अग्निकांड आपदा की तैयारी एवं फायर एक्टिंग्विशर के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया गया तथा आपदा विशेषज्ञ श्री अंकुर गुप्ता द्वारा आपदा प्रबंधन में वॉलंटियर की भूमिका विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग से डॉ मनिंदर सिंह एवं डॉ अरुण सिंह द्वारा सर्पदंश की तैयारी विषयक प्रशिक्षण दिया गया l उन्होंने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक या तांत्रिक उपचार पर विश्वास न करें, बल्कि तत्काल निकटतम चिकित्सालय में उपचार कराना ही जीवन रक्षक उपाय है।
इसी क्रम में 11 वीं बटालियन NDRF से आए वक्ता इंस्पेक्टर नीरज सिंह एवं उनकी टीम के द्वारा विभिन्न प्रकार की आपदाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा आपदा के समय विभिन्न विभागों की भूमिका, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी (Evacuation), CPR एवं घरेलू संसाधनों के माध्यम से बनाए जाने वाले बचाव उपकरण के विषय पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा मित्र आकाश कन्नौजिया, उदय यादव, सप्तमी निषाद, विकास साहनी, नीरज साहनी, मनीष साहनी, रवि निषाद, राजू साहनी, प्रीति, खुशी, प्रियंका इत्यादि के साथ जनपद की तहसील सदर से संबंधित गोताखोर एवं नाविकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।कार्यक्रम का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, (कार्यालय जिलाधिकारी) मीरजापुर द्वारा किया गया।