वेतन भुगतान में देरी पर बीएसए की सख्ती, खंड शिक्षा अधिकारियों और वित्त एवं लेखाधिकारी को चेतावनी।

Vijaydoot News

मथुरा। जनपद के परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन शासनादेशों एवं विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह की पहली तारीख को भुगतान किया जाना है, लेकिन पिछले कई महीनों से वेतन 5 से 12 तारीख के बीच जारी किए जाने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है।

इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, जनपद मथुरा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति से मुलाकात कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। संगठन ने शिक्षकों का वेतन प्रत्येक माह की पहली तारीख को जारी किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय से वेतन भुगतान नहीं हुआ तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

शिक्षक संघ की मांग का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतन कीर्ति ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक माह की 25 तारीख तक वेतन बिल आवश्यक अभिलेखों सहित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देशित किया गया कि शिक्षकों का वेतन उनकी अनिवार्य सेवा शर्तों का हिस्सा है। लोक सेवकों को समय से वेतन का भुगतान करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। बीएसए ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति में शिक्षकों का वेतन माह की पहली तारीख को भुगतान हो जाना चाहिए।

इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समयबद्ध कार्ययोजना निर्धारित करते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को कठोर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों को निर्देशों का निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत, जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत, जिला महामंत्री लक्ष्मीनारायण, जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष बदन सिंह यादव, मीडिया प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सारस्वत, राजीव पचौरी, जिला उपाध्यक्ष नीलम गौड़, संजीव यादव, आरती कुरील, शक्ति वर्मा, शिव कुमार पचौरी, संयुक्त मंत्री गीतम सिंह, लवली पटेल, हरीश चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मोहर पाल सिंह सहित विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी एवं संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।