धनगर समाज के जाति प्रमाण पत्र को लेकर किसान यूनियन ने भरी हुंकार।

Vijaydoot News

•15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सभी 19 ब्लॉकों में ज्ञापन, फिर जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी।

मिश्रिख। सीतापुर की 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि नैमिषारण्य क्षेत्र के जरिगवां स्थित भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष मोर्चा) के कार्यालय में संगठन की ओर से किसानों और धनगर समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर ‘हक की हुंकार’ प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष डॉ. अजय पाल की अध्यक्षता में हुई प्रेस वार्ता में धनगर समाज के जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

डॉ. अजय पाल ने कहा कि शासन की ओर से पूर्व में कई बार स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद धनगर समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले का शीघ्र निस्तारण कर पात्र लोगों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की।

प्रेस वार्ता में किसानों से जुड़ी खाद, बिजली, रसोई गैस, महंगाई और अन्य जनसमस्याओं पर भी चर्चा हुई। संगठन ने कहा कि धनगर समाज के अधिकार और किसानों की समस्याओं को लेकर संघर्ष सीतापुर से शुरू होकर पूरे प्रदेश तक ले जाया जाएगा।

15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष मोर्चा) ने आंदोलन की दो चरणों वाली रणनीति घोषित की। प्रथम चरण में अगले 15 दिनों के भीतर धनगर समाज के जाति प्रमाण पत्र के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सीतापुर जिले के सभी 19 ब्लॉकों में संगठन के ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ये ज्ञापन जिलाधिकारी के नाम संबोधित करते हुए संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत अथवा खंड विकास अधिकारी को दिए जाएंगे।

दूसरे चरण में ज्ञापन सौंपने के बाद भी 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन अन्य संगठनों के साथ जिला मुख्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा। संगठन ने कहा कि इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

कई संगठनों के समर्थन का दावा

संगठन के अनुसार प्रस्तावित आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्र शक्ति), भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी, अखिल भारतीय किसान यूनियन राधे, धनगर समाज, सर्व समाज सहित अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग की बात कही गई है।

जिला अध्यक्ष डॉ. अजय पाल ने कहा कि अब आंदोलन को निर्णायक रूप दिया जाएगा। किसानों का हक नहीं मारा जाएगा और धनगर समाज के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को सीतापुर से पूरे प्रदेश तक ले जाने की चेतावनी भी दी गई।