सीतापुर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त।

Vijaydoot News

सरायन नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर, कई इलाकों में जलभराव; प्रशासन अलर्ट

सीतापुर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सरायन नदी का जलस्तर खतरे के निशान 131 मीटर को पार कर 132.25 मीटर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के तरीनपुर सहित कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बारिश के चलते जिले के कई ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। सड़कों और गलियों में पानी भरने के साथ ही कई स्थानों पर घरों एवं दुकानों तक पानी पहुंच गया है। जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नैमिषारण्य में भी जलभराव

प्रसिद्ध तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। चक्रतीर्थ परिसर में पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका की टीमें पंप लगाकर जलनिकासी के प्रयास में जुटी हैं।

कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित

सीतापुर शहर के मुंशीगंज, बड़ागांव रोड, गैस गोदाम, पूर्णागिरि नगर और तरीनपुर समेत कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं सिधौली में नेशनल हाईवे-30 की सर्विस लेन भी जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है।

बारिश के बीच हादसों ने बढ़ाई चिंता

महोली क्षेत्र के गौरा गांव में कच्ची दीवार गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। मलबे में दबकर एक युवक और एक बालिका की मौत हो गई, जबकि एक बालक घायल हो गया। वहीं रामकोट में बबूल का पेड़ दीवार पर गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक कुत्ते की मौत की भी सूचना है।

कक्षा आठ तक के विद्यालयों में अवकाश

लगातार तेज बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने 3 सितंबर को कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।

बाढ़ चौकियां सक्रिय, नदियों के जलस्तर पर निगरानी

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। गोमती, शारदा, सरायन, पिरई और कठना नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में पंपों के माध्यम से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर नाव, गोताखोर और पीएसी की फ्लड टीमों की मदद लेने की भी व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।