•ड्रोन की उड़ान, सेंसर, नियंत्रण प्रणाली और मौसम के प्रभावों की दी गई जानकारी।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। 11 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से कैंप कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विक्रांत त्यागी के निर्देशन में आयोजित सीएटीसी-48 ड्रोन प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स को ड्रोन संचालन एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। 31 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक आयोजित इस शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में तकनीकी दक्षता, अनुशासन, एकाग्रता और व्यावहारिक कौशल विकसित करना है।

प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को ‘उड़ान के मूल सिद्धांत’ (Fundamentals of Flight) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने ड्रोन के उड़ान भरने, सुरक्षित लैंडिंग, वापसी प्रणाली तथा उड़ान से पूर्व की तैयारियों के बारे में बताया। साथ ही ड्रोन की स्थिरता, नियंत्रण प्रणाली, दिशा, ऊंचाई और गति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
कैडेट्स को ड्रोन में लगे विभिन्न सेंसर एवं नियंत्रण उपकरणों की भूमिका से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण विशेषज्ञों ने बताया कि सुरक्षित ड्रोन संचालन के लिए मौसम और वायुमंडलीय परिस्थितियों का आकलन बेहद महत्वपूर्ण है। हवा की गति एवं दिशा, तापमान तथा मौसम से जुड़े अन्य कारक ड्रोन की उड़ान को प्रभावित कर सकते हैं।
ड्रोन प्रशिक्षण विशेषज्ञ नायक सूबेदार चंद्रसेन सिंह एवं हवलदार संतोष ने कैडेट्स को ड्रोन की संरचना, ऊर्जा आपूर्ति, उड़ान प्रणाली, सेंसर और नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को सवाल पूछकर अपनी तकनीकी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला। प्रशिक्षण से कैडेट्स में ड्रोन तकनीक के प्रति समझ और रुचि बढ़ी तथा उन्हें आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्राप्त हुई।