रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। विकासखंड मिश्रिख की कई ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम विकास अधिकारियों पर ग्रामीणों के फोन नहीं उठाने और शिकायतों से बचने के लिए लोगों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डालने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे अपनी समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं तो कई बार फोन ही नहीं मिल पाता।
ग्रामीणों के मुताबिक लकड़ियामऊ, आठवां, ठाकुरनगर, इस्लामनगर, आंट और भिखानपुर सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में ऐसी स्थिति सामने आ रही है। लोगों का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा जनता की समस्याएं सुनना तो दूर, उनके फोन तक रिसीव नहीं किए जाते।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश देती रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं जनता दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं। ऐसे में निचले स्तर पर अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से संवाद नहीं करना शासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और अन्य समस्याओं के संबंध में जानकारी एवं शिकायत के लिए ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क करना आवश्यक होता है। ऐसे में यदि अधिकारी फोन ही नहीं उठाएंगे या ग्रामीणों के नंबर ब्लैकलिस्ट कर देंगे तो आम जनता अपनी समस्याएं किसके सामने रखेगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सीतापुर का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और फोन पर उपलब्ध रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की गई है।


