-लिटरेसी-न्यूमैरेसी से निखरेगी बच्चों की बुनियादी समझ – विजय आनन्द
बस्ती। बच्चों को केवल पढ़ना और गिनना सिखाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें पढ़ने में प्रवाह के साथ शब्दों का अर्थ समझने और गणितीय अवधारणाओं को तर्क के साथ ग्रहण करने में सक्षम बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र हर्रैया के सभागार में लिटरेसी एवं न्यूमैरेसी विषयक एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें ब्लॉक के 38 विद्यालयों से 38 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।


कार्यशाला का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी विजय आनंद ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का संचालन सीएसएफ की टीम ने किया। टीम के सदस्यों ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी शिक्षण के विभिन्न तरीकों से परिचित कराया।
प्रशिक्षण के दौरान कक्षा दो के विद्यार्थियों में प्रभावपूर्ण पठन क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों को अक्षर एवं शब्द पहचान से आगे बढ़ाकर वाक्य को सहजता, शुद्धता और अर्थबोध के साथ पढ़ने में दक्ष बनाया जाए। गणित विषय में बच्चों की बुनियादी समझ मजबूत करने के लिए इकाई-दहाई, स्थानीय मान, संख्या पहचान और संख्या पैटर्न की अवधारणाओं को गतिविधियों के माध्यम से समझाने के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों को केवल नियम याद कराने के बजाय वस्तुओं, उदाहरणों और दैनिक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर गणितीय अवधारणाएं विकसित की जाएं।
खंड शिक्षा अधिकारी विजय आनंद ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत बुनियाद ही बच्चे की आगे की शैक्षिक यात्रा को आसान बनाती है। लिटरेसी और न्यूमैरेसी में बच्चों की दक्षता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को बाल केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। कार्यशाला में सीखी गई तकनीकों का कक्षा-कक्ष में नियमित प्रयोग बच्चों के सीखने के स्तर में निश्चित रूप से सुधार लाएगा।
कार्यशाला में शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग करते हुए अपने अनुभव साझा किए और कक्षा-कक्ष में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।इस अवसर पर सीएसएफ टीम के कृतिज्ञा, सरस्वती, ऋषभ, बृजेश और मानवेंद्र, एआरपी सन्तोष कुमार शुक्ल, मनोज मिश्र, राजीव शुक्ल, काशीराम वर्मा, कार्यालय के सुनील कुमार, राकेश प्रकाश श्रीवास्तव, रिजवान, विवेकानंद शुक्ल आदि उपस्थित रहे।


