•फलाहारी महाराज के बयान से मचा हड़कंप, आश्रम में दो गुट होने का दावा।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद आश्रम से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। फलाहारी महाराज के कथित बयान के बाद आश्रम में दो गुट होने तथा संतों के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पत्र में प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को देशहित में जरूरी बताते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की मांग की गई है।
पत्र में दावा किया गया है कि केलिकुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोगों की गतिविधियों से महाराज आहत हैं और इसी कारण वे बेलवन स्थित आश्रम चले गए। आरोप लगाया गया है कि आश्रम से जुड़े एक गुट में संपत्ति संबंधी गतिविधियों को लेकर विवाद है, जबकि दूसरा गुट इसी मुद्दे को लेकर महाराज से नाराज है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि केलिकुंज आश्रम में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शरण लिए हुए हैं और महाराज की आड़ में कई आश्रम संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, पत्र में दावा किया गया है कि प्रेमानंद महाराज के साथ कई तपस्वी संत भी बेलवन आश्रम चले गए हैं। इसके अलावा केलिकुंज आश्रम से बच्चों के गायब होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पत्र में आशंका जताई गई है कि आपराधिक गिरोह बच्चों को निशाना बना सकते हैं। इन गंभीर आरोपों की भी जांच और स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ कथित भूमाफिया संतों के कारण प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है तथा उनकी छवि को धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पत्र भेजने वाले ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।


