’बैंक का नाम, शाखा एवं आई0एफ0एस0सी0 कोड की त्रुटियों से छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी, शीघ्र समाधान की उठाई मांग’
रिपोर्ट: सौरभ पाठक।
इगलास(अलीगढ़)। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के ऑनलाइन आवेदन में विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं का बैंक मैपिंग करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। छात्रों को हो रही असुविधा के समाधान की मांग को लेकर डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ, जनपद अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी इगलास एवं जॉइंट मजिस्ट्रेट आई0ए0एस0 आयुष जायसवाल को ज्ञापन सौंपा हैं।
ज्ञापन के द्वारा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया कि विद्यार्थी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को बैंक मैपिंग करने में बैंक शाखाओं के आई0एफ0एस0सी0 कोड उसी बैंक के अन्य शाखाओं के प्रदर्शित हो रहे है। जिससे छात्र छात्रवृति के आवेदन नहीं कर पा रहे है। इस कारण पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन समय से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं अतः विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने से वंचित रह जायेगे।
ज्ञापन में बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक का जिक्र किया गया है, क्यो अधिकाशतः छात्रों के खातें इन्ही बैंकों में है।
डीएलएड संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन को समय रहते चेताया है और कहा कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति आर्थिक रूप से जरूरतमंद तथा पात्र विद्यार्थियों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में बैंक संबंधी तकनीकी त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को आवेदन करने में विलम्भ या योजना का लाभा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
धर्मेन्द्र चौधरी ने उपजिलाधिकारी से अनुरोध किया कि संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों के समन्वय से समस्या का शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई जाए, ताकि छात्रवृत्ति पोर्टल पर बैंक का सही नाम, शाखा एवं आई0एफ0एस0सी0 कोड प्रदर्शित हों और सभी पात्र विद्यार्थी बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपने आवेदन पूर्ण कर सकें।
इस अवसर पर डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष चौधरी रोहन सिंह, जिला महामंत्री गौरव कुमार भास्कर, जिला सचिव सागर चौधरी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


