रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित सफर करने वाले निजी वाहन मालिकों को राहत देने के लिए टोल पास की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को रियायती वार्षिक पास की सुविधा मिलेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था एक नवंबर से उत्तर प्रदेश के 135 टोल प्लाजा पर लागू होगी।
वार्षिक पास के लिए निर्धारित शुल्क
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन के बाद लागू होने वाली इस व्यवस्था के तहत पात्र वाहन मालिक निर्धारित शुल्क देकर संबंधित टोल प्लाजा के लिए वार्षिक पास बनवा सकेंगे। समाचार में दी गई जानकारी के मुताबिक, शहर से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना शुल्क 1,500 रुपये और शहर के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया जाएगा।
फास्टैग होना अनिवार्य
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वाहन पर सक्रिय फास्टैग होना जरूरी है। यह व्यवस्था केवल निजी वाहनों के लिए है, व्यावसायिक वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
200 बार टोल पार करने का विकल्प
नियमित हाईवे यात्रियों के लिए 3,075 रुपये का वार्षिक फास्टैग पास भी उपलब्ध है। इसके तहत एक वर्ष में अधिकतम 200 बार टोल पार किया जा सकता है।
मथुरा-आगरा-दिल्ली हाईवे सहित अन्य मार्गों पर सफर करने वाले वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि पास बनवाने से पहले संबंधित टोल प्लाजा से पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर लें।


