Close Menu
Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, September 22
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Home » प्रयागराज में ई-रिक्शा संचालन होगा व्यवस्थित, क्लस्टरवार नंबरिंग और कलर कोडिंग की तैयारी।

    प्रयागराज में ई-रिक्शा संचालन होगा व्यवस्थित, क्लस्टरवार नंबरिंग और कलर कोडिंग की तैयारी।

    P.K. RastogiBy P.K. RastogiSeptember 22, 2026
    •मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश।

    प्रयागराज। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने ई-रिक्शा, ऑटो, ई-ऑटो और डग्गामार बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही ई-रिक्शाओं की संख्या, रूट और संचालन क्षेत्र का व्यापक सर्वे कराने को कहा है।

    मंडलायुक्त ने उपाध्यक्ष पीडीए ऋषिराज, नगर आयुक्त साईं तेजा, आरटीओ, प्रवर्तन, एसीपी ट्रैफिक, बीएसए समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था और जाम की समस्या की समीक्षा की।

    ड्राइवर-कंडक्टर के लिए यूनिफॉर्म और बैज अनिवार्य

    बैठक में ई-रिक्शा, ऑटो, ई-ऑटो एवं डग्गामार बसों के संचालन को व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंडलायुक्त ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 28-डी और उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के नियम-14 के प्रावधानों के तहत ड्राइवरों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म और बैज की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू कराने के निर्देश आरटीओ को दिए।

    उन्होंने संबंधित चालकों का चिन्हांकन कर उन्हें निर्धारित यूनिफॉर्म एवं बैज पहनने के लिए निर्देशित और प्रेरित करने को कहा।

    ई-रिक्शाओं का होगा सर्वे, क्लस्टरवार होगी पहचान

    शहर में बढ़ती ई-रिक्शाओं की संख्या और उनके कारण उत्पन्न हो रहे यातायात दबाव को देखते हुए व्यापक सर्वे कराया जाएगा। इसमें ई-रिक्शाओं की संख्या, उनके रूट, नगर निगम सीमा के अंदर और बाहर संचालन तथा अधिक संख्या में ई-रिक्शा वाले मार्गों और कंजेशन प्वाइंट की पहचान की जाएगी।

    इसके बाद शहर को आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग जोन और क्लस्टर में बांटकर ई-रिक्शाओं की क्लस्टरवार नंबरिंग और कलर कोडिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी एक स्थान पर ई-रिक्शाओं की अत्यधिक भीड़ को रोकना और उनके संचालन को व्यवस्थित करना है।

    इस कार्य के लिए वीसी पीडीए, नगर आयुक्त, आरटीओ और एसीपी ट्रैफिक की समिति गठित की गई है। समिति को सर्वे और अध्ययन के बाद तीन दिन में अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अलावा ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, असुरक्षित रिक्शाओं को सड़कों से हटाने और शहर के बस स्टैंडों को व्यवस्थित करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

    पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट जरूरी

    मंडलायुक्त ने दोपहिया वाहनों पर चालक के पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी चालान की कार्रवाई करने को कहा गया।

    सड़क किनारे रहने वाले बच्चों का होगा सर्वे

    शहर में सड़क किनारे रहने और सोने वाले बच्चों के संबंध में भी मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए। नगर आयुक्त और बीएसए को ऐसे बच्चों का सर्वे और चिन्हांकन कर उनके भोजन एवं शिक्षा की व्यवस्था के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

    बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनकी अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एनजीओ की सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए।

    मेडिकल कॉलेज के सामने 7-8 फीट तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश

    बैठक के बाद मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त और संबंधित अधिकारियों के साथ थॉर्नहिल रोड, क्लाइव रोड और मेडिकल कॉलेज चौराहा समेत प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

    थॉर्नहिल रोड पर फुटपाथ से अतिक्रमण और अन्य अवरोध हटाने, सूखे पेड़ों व पड़ी लकड़ियों को हटाने, पेड़ों के बेस को व्यवस्थित करने, खुले मैनहोल पर जाली लगाने और फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।

    क्लाइव रोड पर फुटपाथ, विद्युत पोल और अन्य कार्यों में मिली कमियों को तत्काल दूर कराने को कहा गया।

    मेडिकल कॉलेज के सामने सड़क और फुटपाथ पर दुकानों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने पूरे मार्ग को 7 से 8 फीट तक अवरोधमुक्त कराने के निर्देश दिए, ताकि पैदल यात्रियों और वाहनों का आवागमन सुचारु हो सके।

    मेडिकल चौराहे पर स्थित श्री साईं डोसा कॉर्नर के अतिक्रमण तथा किचन और बर्तन धोने की व्यवस्था में स्वच्छता मानकों की कमी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn
    Previous Article‘अनुपमा (सबकी सहेली)’ के नवें अंक का विमोचन, संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियों को मिली जगह
    P.K. Rastogi
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    पवन कुमार रस्तोगी पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में न्यूज़ पोर्टल में एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने एम.ए., बीएड, पत्रकारिता तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर क्षेत्र में एडीसीए तथा कला के क्षेत्र में बॉम्बे आर्ट जैसे पाठ्यक्रम भी पूर्ण किए हैं। समाचार लेखन, संपादन, जनसरोकार से जुड़े विषयों और डिजिटल पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। वे सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सरल, सटीक और विश्वसनीय ढंग से पाठकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

    Related Posts

    2017 बैच की आईएएस अनुज मलिक बनीं संत कबीर नगर की नई जिलाधिकारी।

    September 22, 2026

    जन्मभूमि मुक्ति के संकल्प के साथ पांच वर्षों से अन्न त्यागकर तपस्या कर रहे दिनेश फलाहारी जी महाराज।

    September 22, 2026

    सामान्य निकाय की बैठक में किसानों का पक्ष रखने के बाद मुख्यमंत्री को दिया पत्र।

    September 22, 2026

    Comments are closed.

    Don't Miss
    उत्तर प्रदेश

    प्रयागराज में ई-रिक्शा संचालन होगा व्यवस्थित, क्लस्टरवार नंबरिंग और कलर कोडिंग की तैयारी।

    By P.K. RastogiSeptember 22, 20261

    •मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था सुधारने के दिए…

    ‘अनुपमा (सबकी सहेली)’ के नवें अंक का विमोचन, संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियों को मिली जगह

    September 22, 2026

    2017 बैच की आईएएस अनुज मलिक बनीं संत कबीर नगर की नई जिलाधिकारी।

    September 22, 2026

    BSA ने तैया पुर में चित्रकला प्रतियोगिता का किया अवलोकन

    September 22, 2026
    About Us
    About Us

    विजयदूत समाचार पत्र का प्रकाशन सन् 1972 में प्रारम्भ हुआ । जो भारत नेपाल सीमांचल इलाकों से होते हुए पूर्वी उ0प्र0 में खबरों का एक सशक्त माध्यम बन गया। विजयदूत समय-समय पर अपने पैनी एवं धारदार खबरों से इतिहास का साक्षी बना। इमरजेन्सी का दौर रहा हो या फिर 1984 के सिख विरोधी दंगो का समय रहा हो, विजयदूत अपनी बेबाक टिप्पणी से सत्य को उजागर करता रहा और समाचारों की पड़ताल कर आम जनमानस का लोकप्रिय पत्र बन गया।

    Facebook X (Twitter) YouTube
    Latest News

    प्रयागराज में ई-रिक्शा संचालन होगा व्यवस्थित, क्लस्टरवार नंबरिंग और कलर कोडिंग की तैयारी।

    September 22, 2026

    ‘अनुपमा (सबकी सहेली)’ के नवें अंक का विमोचन, संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियों को मिली जगह

    September 22, 2026

    2017 बैच की आईएएस अनुज मलिक बनीं संत कबीर नगर की नई जिलाधिकारी।

    September 22, 2026

    BSA ने तैया पुर में चित्रकला प्रतियोगिता का किया अवलोकन

    September 22, 2026
    Most Popular
    © 2026 www.vijaydoot.com | Designed by www.WizInfotech.com.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.