इंदौर। लेखकों की आवाज और सशक्तिकरण को समर्पित पत्रिका ‘अनुपमा (सबकी सहेली)’ के नवें अंक का विमोचन किया गया। पत्रिका का यह अंक ‘नई शुरुआत : मेरे सपने, मेरी उड़ान’ विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया है। विशेषांक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के संघर्ष, सफलता, आत्मनिर्भरता और जीवन में नई शुरुआत की प्रेरणादायक कहानियों को स्थान दिया गया है।
पत्रिका के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। विशेषांक में करियर, शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर केंद्रित रचनाएं शामिल की गई हैं।
पत्रिका के संपादक मंडल के अनुसार, ‘अनुपमा’ अपने प्रकाशन के नौ अंकों के सफर में नए साहित्यकारों को मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है, जहां वे अपने अनुभव, विचार और भावनाएं साझा कर सकें। पत्रिका में नए-पुराने, छोटे-बड़े तथा देश-विदेश के रचनाकारों को अपनी लेखनी प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है और उन्हें सम्मान पत्र से सम्मानित भी किया जाता है।
‘नई शुरुआत : मेरे सपने, मेरी उड़ान’ विशेषांक को लेकर पाठकों में उत्साह है। पत्रिका से जुड़े लोगों का कहना है कि यह अंक पाठकों को नई जानकारी देने के साथ ही कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देगा।
(सुशी सक्सेना,
साहित्य एवं विज्ञान लेखिका, इंदौर, मध्य प्रदेश)

