लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘सीएम-समीक्षा’ की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए। अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों से लेकर फील्ड में तैनात अधिकारियों तक सभी संबंधित अधिकारी औद्योगिक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराएं।
जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा
बैठक में जीरो पावर्टी अभियान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पात्र गरीब परिवारों का चिह्नांकन पूरी गंभीरता से किया जाए और प्रत्येक पात्र परिवार को उससे संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के लाभ से वंचित पात्र परिवारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया।
मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडी परिसरों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था हो और जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए।
उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मंडी परिसरों की नियमित निगरानी करने के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई
विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जहां कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित है, उसे शीघ्र बहाल किया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विद्युत उपभोक्ता को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि बिल संबंधी शिकायतों को कम किया जा सके।
अस्पतालों और होटलों में फायर एनओसी की नियमित निगरानी
बैठक में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। साथ ही संबंधित विभागों को इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


