•UPS बरारी में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित परीक्षा का किया निरीक्षण
फरह/मथुरा। बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा रतन कीर्ति ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बरारी, विकासखंड फरह में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित साक्षरता परीक्षा का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा कक्षों में पहुंचकर वयस्क शिक्षार्थियों से बातचीत की और उनके सीखने के जज्बे की सराहना की।
परीक्षा में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं सहित वयस्क शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। किसी के हाथ में पहली बार कलम थी तो कोई जीवन के अनुभवों के साथ अक्षरों और अंकों की दुनिया से परिचित हो रहा था। BSA ने शिक्षार्थियों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर रतन कीर्ति ने कहा कि “उम्र चाहे कितनी भी हो, सीखने की कोई उम्र नहीं होती।” उन्होंने कहा कि यह परीक्षा उन बुजुर्गों और वयस्कों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिन्होंने जीवन के इस पड़ाव पर भी सीखने की इच्छा को जीवित रखा है। साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को बुनियादी साक्षरता, अंक ज्ञान और महत्वपूर्ण जीवन कौशल प्रदान करना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।
BSA ने सभी नव-साक्षरों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षकों को साक्षरता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक निरक्षर वयस्कों को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी फरह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

