•संत कबीर नगर में दूसरे की फोटो और पते पर फर्जी भर्ती, पथरी के ऑपरेशन के नाम पर 49,500 रुपये निकालने का आरोप।
•लालगंज पुलिस की जांच में बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद, आयुष्मान योजना में सेंधमारी से मचा हड़कंप।
कुदरहा। लालगंज थाना क्षेत्र के परेवा गांव में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कथित फर्जीवाड़े के तार दूसरे जिले तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह ने संत कबीर नगर जिले के एक निजी अस्पताल में भी सरकारी स्वास्थ्य योजना को चूना लगाने का खेल खेला। दूसरे व्यक्ति की फोटो और पता लगाकर आयुष्मान कार्ड तैयार किया गया और उसी कार्ड के आधार पर फर्जी तरीके से अस्पताल में भर्ती दिखाकर ऑपरेशन के नाम पर हजारों रुपये की सरकारी धनराशि निकाल ली गई।
मामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, नगर पंचायत नगर क्षेत्र के निवासी मोहम्मद नफीस पुत्र अजमल के नाम से जारी आयुष्मान कार्ड में निजी अस्पताल में अररिया, बिहार का पता दर्ज है। आरोप है कि कार्ड पर नफीस की जगह किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाई गई थी। इसी कार्ड के आधार पर संत कबीर नगर जिले के एक हॉस्पिटल में 23 जुलाई 2026 को मरीज की भर्ती दिखाई गई।
अस्पताल के दस्तावेजों में गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के लिए पीसीएनएल प्रक्रिया दर्ज है। आरोप है कि 29 जुलाई को ऑपरेशन के नाम पर आयुष्मान योजना के तहत 49,500 रुपये की धनराशि निकाल ली गई। हालांकि, ऑपरेशन वास्तव में किसका हुआ और इस पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही, यह जांच का विषय है।
एक गांव से दूसरे जिले तक कैसे पहुंचा फर्जीवाड़े का खेल?
परेवा गांव में ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस पहले ही आयुष्मान कार्ड बनाने वाले संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर रही है। अब दूसरे जिले के निजी अस्पताल में कथित फर्जी कार्ड के जरिए सरकारी धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आने से जांच का दायरा बढ़ गया है।
क्या फर्जी कार्ड बनाने वाले गिरोह के तार निजी अस्पतालों से जुड़े हैं? क्या दूसरे लोगों के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर आयुष्मान योजना में बड़े पैमाने पर सेंधमारी की जा रही है? ऐसे कई सवाल अब जांच के घेरे में हैं।
लालगंज पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस की जांच में यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो आयुष्मान कार्ड के नाम पर चल रहे कथित बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


