•टेस्ट पोर्टल पर कराया गया व्यावहारिक अभ्यास, जिलाधिकारी ने जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश
रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी।
औरैया। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत स्वगणना प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारियों, विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, पत्रकारों, सोशल मीडिया प्रभावकों और अन्य कार्मिकों को स्वगणना की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान स्वगणना के उद्देश्य, महत्ता और तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया। बताया गया कि स्वगणना के माध्यम से नागरिक निर्धारित डिजिटल पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार और आवास से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज कर सकेंगे। इससे जनगणना कार्य को अधिक सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
मास्टर ट्रेनर ने टेस्ट पोर्टल के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश करने, आवश्यक विवरण भरने, निर्धारित प्रश्नों के उत्तर दर्ज करने और स्वगणना प्रक्रिया पूरी करने के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए संभावित तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं के निराकरण की जानकारी भी दी गई।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि जनगणना-2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसे सफल बनाने में अधिकारियों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को गंभीरता से समझते हुए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को स्वगणना के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी संबंधित अधिकारी और प्रधानाचार्य आपसी समन्वय से स्वगणना प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें सहभागिता कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव कुमार, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक कमलेश पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, मास्टर ट्रेनर और अन्य कार्मिक मौजूद रहे।


