•वृंदावन सिविल सोसाइटी ने कोतवाली में दिया शिकायती पत्र, अवैध रूप से संचालित बाइकर्स के सत्यापन और कार्रवाई की उठाई मांग।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में बिना सत्यापन के बाइक राइडिंग का काम कर रहे लोगों को लेकर वृंदावन सिविल सोसाइटी ने चिंता जताई है। संस्था की ओर से वृंदावन कोतवाली में शिकायती पत्र देकर ऐसे बाइक राइडर्स के सत्यापन और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
वृंदावन में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच शहर में यातायात व्यवस्था पहले से ही चुनौती बनी हुई है। ऐसे में यदि बिना उचित सत्यापन के बाइक राइडर्स यात्रियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो यह उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।
वृंदावन सिविल सोसाइटी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाइक राइडर्स की पहचान, वाहन के आवश्यक दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस और संबंधित नियमों के अनुपालन की जांच जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति बिना आवश्यक दस्तावेजों या निर्धारित अनुमति के यात्रियों को बाइक पर बैठाकर परिवहन का कार्य कर रहा है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
संस्था ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शहर में अवैध रूप से ई रिक्शा की भी बाढ़ आ चुकी है इन पर भी कंट्रोल अति आवश्यक है ई-रिक्शा में तेज म्यूजिक बजाना और विवाद करना कुछ लोगों का स्लग बन चुका है.. वहीं अवैध रूप से संचालित बाइक राइडर्स का सत्यापन कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्र में मांग की गई है कि वृंदावन की पहचान एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में बाइक राइडिंग के नाम पर यात्रियों को ले जाने वाले लोगों की पहचान और उनके वाहनों की जांच आवश्यक है, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
शिकायती पत्र देने वालों में अभय वशिष्ठ धनेंद्र अग्रवाल बॉबी अमित शर्मा तपेश पाठक, योगेंद्र गोस्वामी. विनय गोस्वामी रवि यादव आदि उपस्थित रहे।


