अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में पांच गिरफ्तार, सोनारपुर घटना से बंगाल की राजनीति गरमाई।

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस ने घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन मैती और आकाश नामक दो आरोपियों की पहचान होने की बात सामने आई है।

सोनारपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ हंगामा
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर क्षेत्र में अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और अंडे तथा पत्थर फेंके जाने लगे।

स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा घेरे में लिया और उनके सिर पर हेलमेट पहनाया। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। इसके बावजूद उन्होंने कार्यकर्ता के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की।

अभिषेक ने लगाया जान से मारने की साजिश का आरोप
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन पर जानलेवा हमला था।
उन्होंने कहा, “अगर सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हेलमेट नहीं पहनाया होता तो मेरे सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। यह एक सुनियोजित साजिश थी।”

ममता बनर्जी ने सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर ढील दी गई। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों और अधिकारियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।

भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह जनता के असंतोष का परिणाम है और राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

अस्पताल ने जारी की मेडिकल रिपोर्ट
जिस अस्पताल में अभिषेक बनर्जी की जांच हुई, वहां के चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनकी छाती पर हल्की चोट और खरोंच के निशान पाए गए। जांच के दौरान उनकी स्थिति सामान्य थी और वे पूरी तरह सचेत थे।
डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाएं तथा तरल पदार्थ देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और भर्ती किए जाने की आवश्यकता नहीं थी।

जांच जारी
पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सोनारपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं, इस प्रकरण को लेकर राज्य की राजनीति में घमासान जारी है।

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