रिपोर्ट : विनय नागपाल।
मथुरा। श्री यमुने महारानी गौ सेवा समिति ट्रस्ट, मथुरा द्वारा अग्र वाटिका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर कथा व्यास आचार्य गोपालाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा में पूतना वध एवं गौचारण लीला का भावपूर्ण प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।
पूज्य महाराज श्री ने कहा कि मथुरा के अत्याचारी राजा कंस ने अपने वध की भविष्यवाणी से भयभीत होकर गोकुल में जन्मे बालक श्रीकृष्ण को मारने के लिए मायावी राक्षसी पूतना को भेजा था। पूतना सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुंची और बालक कृष्ण को विषपान कराने लगी, किंतु भगवान श्रीकृष्ण ने विष के साथ उसके प्राण भी हर लिए और उसका उद्धार कर दिया।कथा के दौरान महाराज ने गौचारण लीला का वर्णन करते हुए बताया कि गोपाष्टमी पर्व का विशेष महत्व भगवान श्रीकृष्ण की इसी लीला से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि छह वर्ष की आयु में भगवान श्रीकृष्ण ने मैया यशोदा से जिद कर पहली बार गाय चराने वन की ओर प्रस्थान किया था। तभी से गौचारण लीला की परंपरा प्रारंभ हुई।
छप्पन भोग के संयोजक तरुण अग्रवाल ने बताया कि ठाकुर जी को गाय के शुद्ध देशी घी से निर्मित 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए गए। पूज्य महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को छप्पन भोग की परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत धारण किया था। इस दौरान उन्होंने भोजन ग्रहण नहीं किया। आठवें दिन ब्रजवासियों ने प्रेम और कृतज्ञता स्वरूप उन्हें 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए। भगवान श्रीकृष्ण के आठ पहर भोजन करने की परंपरा के आधार पर 8 गुणा 7 से छप्पन भोग की परंपरा प्रारंभ हुई।
संस्था के सचिव माधव अग्रवाल ने बताया कि छप्पन भोग में मिठाई, नमकीन, फल एवं सूखे मेवे अर्पित किए गए। अलौकिक छप्पन भोग के दर्शन के लिए सायंकाल से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। महाराज श्री के श्रीमुख से प्रवाहित भक्तिमयी कथा में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर दिखाई दिए।
इस अवसर पर संस्थापक संजय अग्रवाल नदवई वाले, अध्यक्ष नितिन गोयल, उपाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, सचिव माधव अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सौरभ खंडेलवाल, भाजपा नेता ललित अग्रवाल, अशोक अग्रवाल खोवा वाले, मनीष चूर्ण वाले, विकास बिछिया वाले, अमित पोशाक वाले एवं राकेश अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।