डीएम की अध्यक्षता में जनपद में संचालित पेयजल योजनाओं के प्रगति की समीक्षा बैठक हुई आयोजित।

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केके मिश्रा संवाददाता।

संत कबीर नगर। मंगलवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनपद में संचालित पेयजल योजनाओं के प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।

बैठक में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियन्ता महेन्द्र राम, सहायक अभियन्ता चन्द्रशेखर यादव के साथ समस्त जू०ई० एवं कार्यदायी संस्थाओं मेघा इंजीनियरिंग एण्ड इन्फ्रा०लि०, जैक्शन विश्वराज (जे0वी0) एवं जयन्ती सुपर कन्स्ट्रक्शन के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, कुल 461 नग पेयजल योजनाओं में 492 नग ट्यूबेल के सापेक्ष 485 नग बोरिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिनसे 802 राजस्व ग्रामों में शिरोपरि जलाशय एवं सीधे पम्प द्वारा जलापूर्ति की जा रही है एवं 863 राजस्व ग्रामों में रोड रेस्टोरेशन का कार्य कराया जा चुका है एवं अन्य योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। 461 नग पेयजल योजनाओं में से 95 नग योजनायें पूर्ण कर अनुरक्षण में जा चुकी है एवं माह जुलाई तक 44 योजनाओं एकल ग्राम पेयजल योजना एवं बहु ग्राम पेयजल योजना (SVS एवं MVS) को पूर्ण करने का लक्ष्य जिलाधिकारी द्वारा फर्मों को दिया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी पेयजल योजनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, साथ ही विवादित भूमि एवं योजनाओं के कैम्पस के पहुँच मार्ग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर मामले के निस्तारण हेतु निर्देशित किया।

परसामाफी पेयजल के बंद होने पर मे० जयन्ती सुपर कन्स्ट्रक्शन प्रा० लि० से पूछा गया तो जयन्ती के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा यह बताया गया कि पी०डब्लू०डी० विभाग द्वारा रोड चौड़ीकरण करते समय मेन पाइप को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिस कारण जलापूर्ति अवरुद्ध है, जिसे जिलाधिकारी द्वारा तत्काल ठीक करने एवं धन की मांग पी०डब्लू०डी० से करने हेतु निर्देशित किया गया।

समीक्षा के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि जिन योजनाओं में प्रगति धीमी है, उनमें तत्काल आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थलीय निरीक्षण पर भी जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को शीघ्र पूर्ण करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियन्ता महेन्द्र राम, सहायक अभियन्ता चन्द्रशेखर यादव, समस्त जू०ई० एवं कार्यदायी संस्थाओं-मेघा इंजीनियरिंग एण्ड इन्फ्रा०लि०, जैक्शन विश्वराज (जे0वी0) एवं जयन्ती सुपर कन्स्ट्रक्शन के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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