मथुरा। मथुरा रिफाइनरी में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखने के लिए सोमवार को बीजी-1, ओएम एंड एस-I में आपदा पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया।
पूर्वाभ्यास का परिदृश्य बीजी-1 लोडिंग गैंट्री पर वैगन में मोटर स्पिरिट (एमएस) की ओवरफिलिंग से ईंधन फैलने, वाष्प बादल बनने और क्षतिग्रस्त लाइट फिटिंग के संपर्क में आने से आग लगने पर आधारित था। आग की सूचना मिलते ही आपातकालीन शटडाउन किया गया तथा फायर एंड सेफ्टी कंट्रोल रूम सहित संबंधित नियंत्रण कक्षों को सूचना दी गई। वाटर स्प्रे सिस्टम सक्रिय करने के साथ फोम फायर टेंडरों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया।
स्थिति की गंभीरता के अनुसार लेवल-I और बाद में लेवल-II आपातकाल घोषित कर डिजास्टर कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया। फोम फायर टेंडरों एवं HVLR मॉनिटर्स से अग्निशमन की कार्रवाई के साथ गैर-संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित असेंबली प्वाइंट पर भेजा गया। CISF ने क्षेत्र की घेराबंदी एवं यातायात नियंत्रण किया, जबकि सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया गया।
पूर्वाभ्यास के दौरान आपात सूचना संप्रेषण, अग्निशमन, निकासी, बचाव, संसाधनों की उपलब्धता, अतिरिक्त फायर फोम की व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय की तैयारियों को परखा गया। स्थिति सामान्य होने पर ऑल-क्लियर सायरन बजाकर ड्रिल समाप्त की गई।
बाद में आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं आपातकालीन समन्वयकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी की सराहना करते हुए आपातकालीन तैयारियों में निरंतर सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए।


