लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को लोक भवन स्थित उत्तर प्रदेश सचिवालय में पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग चार लाख 60 हजार 559 छात्र-छात्राओं को 148 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इसमें पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लगभग दो लाख 23 हजार 615 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके बेहतर भविष्य की दिशा में काम किया जा रहा है।नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति का वितरण वित्तीय वर्ष के अंत में मार्च के आसपास होने की परंपरा रही, जिसके कारण विद्यार्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। वर्तमान व्यवस्था में इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को समय से छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति के बजट में लगातार वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में छात्रवृत्ति के लिए 1286 करोड़ रुपये का बजट था, जो अब बढ़कर 3402 करोड़ रुपये हो गया है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 36 लाख 75 हजार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 37 लाख से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र कश्यप ने उपस्थित मंत्रियों और छात्र-छात्राओं की ओर से समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में दानिश आजाद अंसारी, ओम प्रकाश राजभर सहित अन्य मंत्री और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


