•25 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी की रिपोर्ट, मक्का रक्षा समझौते के तहत बढ़ाया सैन्य सहयोग
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपनी सैन्य तैनाती की पुष्टि की है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, सऊदी अरब में तैनात पाकिस्तानी सैनिक मक्का रक्षा समझौते के तहत विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच इस तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब में पाकिस्तान के 15 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं। इनमें छह पैदल सेना और तोपखाना ब्रिगेड के शामिल होने की जानकारी दी गई है। तैनात सैन्य अधिकारियों में एक मेजर जनरल, चार ब्रिगेडियर, 12 कर्नल और 36 लेफ्टिनेंट कर्नल के अलावा मेजर तथा कैप्टन रैंक के करीब 60 अधिकारी भी बताए गए हैं।
पाकिस्तान की सैन्य सहायता केवल जमीनी बलों तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों की मौजूदगी का भी दावा किया गया है। इनके जरिए सऊदी अरब के शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सहयोग किए जाने की बात कही गई है।
कुछ रिपोर्टों में सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज वायुसेना अड्डे पर पाकिस्तान के जेएफ-17 लड़ाकू विमानों, तुर्की के ड्रोन और एच-क्यू-9 वायु रक्षा प्रणाली की तैनाती का उल्लेख है। हालांकि, इन विशिष्ट तैनातियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा, पाकिस्तान की ओर से करीब 25 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की संभावित योजना की भी खबरें हैं। इसमें जमीनी सैनिकों के साथ वायु रक्षा प्रणाली, ड्रोन, रॉकेट और अतिरिक्त हवाई संसाधन शामिल किए जाने की संभावना जताई गई है। सऊदी अरब में 400 से अधिक पाकिस्तानी नौसैनिकों की तैनाती की जानकारी भी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच 7 अगस्त को हुए मक्का रक्षा समझौते का उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाना है। समझौते में किसी एक देश पर सशस्त्र हमले को सभी सहभागी देशों पर हमला मानने का प्रावधान बताया गया है।
हालांकि, अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और कुछ हथियार प्रणालियों से जुड़े विवरणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


