•ग्रामीणों ने लगाया सुविधा शुल्क लेकर काम कराने का आरोप, पात्रों को योजनाओं का लाभ मिलने में हो रही देरी।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रित (सीतापुर)। विकासखंड मिश्रित की ग्राम पंचायत जसरथपुर में तैनात पंचायत सचिव की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने सचिव पर सरकारी कार्यों में निजी मुंशियों की तैनाती कर मनमाने ढंग से कार्य कराने तथा शासन-प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. द्वारा सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी कार्य केवल अधिकृत कर्मचारियों से ही कराए जाएं। इसके बावजूद पंचायत सचिव द्वारा निजी मुंशियों से परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांग आवास सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं।
आरोप है कि ये कथित मुंशी बिना सुविधा शुल्क के कोई कार्य नहीं करते। ग्रामीणों के अनुसार, वे स्वयं यह कहते हैं कि उन्हें कोई वेतन नहीं मिलता और सुविधा शुल्क से ही उनका खर्च चलता है।
ग्राम पंचायत जसरथपुर निवासी 90 प्रतिशत दिव्यांग अमन मौर्य पुत्र अयोध्या प्रसाद मौर्य ने फरवरी 2026 में दिव्यांग आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक अभिलेख पंचायत सचिव को उपलब्ध कराए थे।
आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने तथा कथित मांग पूरी न कर पाने के कारण उनके आवास का प्रस्ताव लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ाया गया। पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाए। बाद में ब्लॉक प्रमुख रामकिंकर पांडेय के हस्तक्षेप के बाद उसका प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया।
इसी प्रकार जसरथपुर के मजरा फुलवारी निवासी राजेंद्र कुमार मिश्र के अंत्योदय राशन कार्ड संबंधी प्रस्ताव की जांच के लिए भी ब्लॉक प्रमुख ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे तथा संबंधित अभिलेख प्रमुख कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा था। आरोप है कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पंचायत सचिव द्वारा प्रस्ताव की प्रति प्रमुख कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव की कार्यशैली और मनमानी के कारण पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।