नगला हरिकरना, इगलास (अलीगढ )। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय नगला हरिकरना में योग एवं प्राणायाम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह, अनुशासन और ऊर्जा के साथ विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। विद्यालय परिसर में योग के प्रति जागरूकता, स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच का संदेश देखने को मिला।
डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ, अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष एवं शिक्षक धर्मेन्द्र चौधरी ने विद्यार्थियों के साथ योगाभ्यास कर उन्हें योग के महत्व से अवगत कराया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि “योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य देन है। यह केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाता है। आज पूरा विश्व भारतीय योग की शक्ति को स्वीकार कर रहा है, इसलिए हमें भी इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।”
शिक्षक धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि “वर्तमान समय में मोबाइल, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में योग ही वह सरल और प्रभावी उपाय है, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बना सकता है। यदि विद्यार्थी बचपन से ही योग को अपनाएं, तो वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।”
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री बलभद्र सिंह जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “योग स्वस्थ जीवन का आधार है। नियमित योगाभ्यास से शरीर में स्फूर्ति, मन में एकाग्रता तथा जीवन में सकारात्मकता आती है। योग विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अनुशासित और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है।”
शिक्षक बलभद्र सिंह ने आगे कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण का अभियान है। हमें प्रतिदिन कुछ समय योग और प्राणायाम के लिए अवश्य निकालना चाहिए, ताकि हम स्वस्थ, निरोग और ऊर्जावान जीवन जी सकें।”
कार्यक्रम में शिक्षिकाएं सुमन देवी एवं रानी देवी सहित छात्र-छात्राओं में आदित्य ठाकुर, गगन चौधरी, भानु, राधिका, नंदिनी, वंदना, अंशु, शिवम, ऋतिक, कान्हा, गौरव, मोहनी, हिमांशी, महक, रिशु तथा अन्य अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
अंत में सभी ने प्रतिदिन योग करने तथा दूसरों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” तथा “करें योग, रहें निरोग” के संदेश के साथ हुआ।