श्रीमद्भागवत कथा से पहले निकली भव्य कलश यात्रा।

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मथुरा। बरारी क्षेत्र के ग्राम यौरा (आंवला सुल्तानपुर) स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।

यजमान सावित्री देवी एवं जगपाल चौधरी के नेतृत्व में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा तथा ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा से होता है। उन्होंने कलश के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कलश जीवन के प्रत्येक शुभ कार्य का प्रतीक है। जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक इसका विशेष महत्व रहता है। कलश पर स्थापित नारियल परिवार के मुखिया को बाहर से दृढ़ और भीतर से कोमल स्वभाव रखने की प्रेरणा देता है, जबकि उस पर सजी पुष्पमाला मानव जीवन को दूसरों के लिए सुगंध और प्रेरणा का स्रोत बनने का संदेश देती है।

आयोजन से जुड़े रवि बघेल ने बताया कि श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मन को शांति मिलती है तथा व्यक्ति में सदाचार, करुणा और भक्ति का विकास होता है।

उन्होंने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 22 जून से 28 जून तक किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

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