रिपोर्ट: विजय नागपाल।
नई दिल्ली। जैन मुनि एवं आध्यात्मिक चिंतक डॉ. सारंग मोहिले (श्री स्वामी सारंग) ने जारी एक श्रद्धांजलि संदेश में अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें सत्य, धैर्य और आत्मबल का प्रतीक बताया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तित्व केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक युग का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका जीवन सदैव लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहता है।
डॉ. सारंग मोहिले ने कहा कि उनके अनुसार सत्य और मानवता के लिए समर्पित जीवन कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि वह इतिहास और जनमानस की चेतना का स्थायी हिस्सा बन जाता है।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल लोगों को धैर्य प्रदान करें तथा दिवंगत आत्मा की विरासत मानवता को सत्य, न्याय, करुणा और साहस के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे।
डॉ. सारंग मोहिले ने कहा कि वह तेहरान केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं, बल्कि उस महान आत्मा की अमर स्मृति को नमन करने जा रहे हैं, जिसने मानवता के लिए अमिट छाप छोड़ी है।