रिपोर्ट: विजय नागपाल।
बलदेव (मथुरा)। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बीआरसी बलदेव पर प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के लिए आयोजित पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (एफएलएन) प्रशिक्षण के दूसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से जोड़ते हुए बच्चों में भाषा एवं गणित की मजबूत आधारशिला तैयार करना रहा।
समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी गिर्राज सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों से परिचित कराना नहीं, बल्कि शिक्षकों को प्रभावी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को कक्षा शिक्षण में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थियों में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षता विकसित की जा सके।
एआरपी गीता रावत ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों को भाषा एवं गणित में दक्ष बनाकर निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करना है। वहीं एआरपी खुशबू श्रीवास्तव एवं शुभम आनंद ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई गतिविधियों और शिक्षण विधियों का कक्षा में प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षकों लोकेश शर्मा एवं लक्ष्मण पांडेय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शिक्षक संदर्शिका की विस्तार से जानकारी देते हुए उसके प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों ने इसे उपयोगी बताते हुए विद्यालयों में प्राप्त ज्ञान का प्रभावी क्रियान्वयन करने का संकल्प लिया।