वित्तविहीन शिक्षकों की मांग पर शासन सक्रिय, सेवा नियमावली के लिए समिति का गठन।

Vijaydoot News

संघ ने बताया वर्षों के आंदोलन और प्रयासों का परिणाम

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के लंबे संघर्ष के बाद शासन ने वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली तैयार करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। संघ ने इसे वित्तविहीन शिक्षकों के वर्षों के संघर्ष और संगठन के सतत प्रयासों की ऐतिहासिक सफलता बताया है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाए जाने की मांग वर्ष 2010 से लगातार उठाई जा रही थी। इस संबंध में संगठन ने समय-समय पर शासन को ज्ञापन सौंपे, आंदोलन किए तथा विधानसभा का घेराव भी किया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद शासन द्वारा समिति का गठन किया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष विमलेंद्र शर्मा ‘विमल’ ने कहा कि यह निर्णय वित्तविहीन शिक्षकों के वर्षों के संघर्ष और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के निरंतर प्रयासों की जीत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह के नेतृत्व में संगठन ने इस मुद्दे को लगातार मजबूती से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप शासन को समिति गठित करनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि समिति का गठन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति शीघ्र अपनी संस्तुतियां शासन को सौंपेगी, जिससे वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली लागू होने का मार्ग प्रशस्त होगा।