•आगरा मंडल का पहला एनएबीएल मान्यता प्राप्त अस्पताल बना केएम हॉस्पिटल
•अत्याधुनिक तकनीक, मजबूत क्यूएमएस और उत्कृष्ट टीमवर्क बनी सफलता की कुंजी
मथुरा। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ब्रज भूमि को एक ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि हासिल हुई है। मथुरा स्थित केएम मेडिकल कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ़ लेबोरेटरी साइंसेज (पाली डूंगरा, सौंख रोड) ने चिकित्सा प्रयोगशाला सेवाओं में एन.ए.बी.एल. मानकों का परचम लहराया है। संस्थान को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एन.ए.बी.एल.) द्वारा प्रथम प्रयास में ही पूर्ण मान्यता प्राप्त हो गई है। इसके साथ ही केएम हॉस्पिटल आगरा मंडल का पहला एनएबीएल मान्यता प्राप्त अस्पताल बन गया है। यह घोषणा आज केएम विश्वविद्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति किशन चौधरी ने की।
केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने इस अवसर पर कहा, ष्केएम मेडिकल कॉलेज के लैब साइंसेज संस्थान को प्रथम प्रयास में ही एन.ए.बी.एल. मान्यता मिलना पूरे ब्रज क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह हमारी टीम के समर्पण और मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के संकल्प की जीत है। हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि हर मरीज को सर्वाेच्च मानकों के अनुसार उत्कृष्ट सेवा प्रदान करना है। भविष्य में भी हम नवीन तकनीकों और निरंतर गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
केएम विवि के कुलपति डॉ. एन.सी. प्रजापति ने कहा कि यह मान्यता केवल एक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि मरीजों के प्रति हमारी गुणवत्ता और पारदर्शिता का निरंतर संकल्प है। संस्थान की प्रयोगशाला पूर्णतः स्वचालित (ऑटोमेटेड) और आधुनिकतम जांच उपकरणों से सुसज्जित है। नियमित कैलिब्रेशन और सख्त गुणवत्ता नियंत्रण के कारण यहाँ मरीजों को बहुत कम समय में सटीक और भरोसेमंद परिणाम प्राप्त होते हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे संस्थान के डॉक्टरों, तकनीशियनों और प्रबंधन का अभूतपूर्व तालमेल रहा। प्रयोगशाला का कुशल मार्गदर्शन प्रयोगशाला निदेशक डॉ. मानसी चंदाना तथा तकनीकी प्रबंधक डॉ. दिनेश कुमार ने किया।
गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में पैथोलॉजिस्ट डॉ. हिमानी दहिया, डॉ. प्रांशु सिसौदिया, डॉ. दीप शिखा, कंसल्टेंट बायोकेमिस्ट डॉ. विकास सक्सेना एवं कंसल्टेंट माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. सोफिया ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा लैब इंचार्ज विवेक लवानिया के निर्देशन में क्यूएमएस, दस्तावेजीकरण और आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण (आईक्यूसी) का प्रभावी संचालन किया गया। साथ ही पैथोलॉजी विभाग के पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर टेक्नीशियनों और तकनीकी कर्मियों (संदीप, केशव, अनिल, सोनू, अंशिका, मोहित, खुशबू, हिमांशु, गौरव और आरती) ने मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति/मेडिकल कॉलेज के डीन व प्रिंसिपल डॉ. शरद अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह, हॉस्पिटल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नमित गौतम सहित सभी फैकल्टी के विभागाध्यक्ष, लैब के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।