मानसिक स्वास्थ्य आश्रय गृह बनाकर पुनर्वास करना ही मेरे जीवन का मुख्य उद्देश्य: मनोज सिंह

Vijaydoot News
  • दीदी चैरिटेबल ट्रस्ट की नई मानवीय पहल।
  • मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा लोगों को मिलेगा नया जीवन।
  • समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप।

बस्ती। समाज के सबसे उपेक्षित मानसिक स्वास्थ्य ( पागलपन)से जूझ रहे बेसहारा लोगों की सेवा के लिए दीदी चैरिटेबल ट्रस्ट के कैंप कार्यालय सिविल लाइंस गांधीनगर बस्ती में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में एक बड़ा संकल्प लिया गया है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज सिंह ने समाज कल्याण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आश्रय गृह का निर्माण कर पीड़ित लोगों का पूर्ण पुनर्वास करना ही अब उनके जीवन का एकमात्र मुख्य उद्देश्य है। “आज समाज में मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को अक्सर उनके अपनों द्वारा ही छोड़ दिया जाता है। ऐसे लोग सड़कों पर लावारिस और दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं।

ट्रस्ट एक ऐसे सुरक्षित आश्रय स्थल हेतु भूमि खोजने का प्रयास करेगा जो शहर के निकट हो , जहाँ न केवल इनका मुफ्त इलाज होगा, बल्कि इन्हें गरिमापूर्ण जीवन और स्नेह भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पागल गृह मे मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में नियमित इलाज और काउंसिलिंग होगा, ठीक होने वाले लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जायेगा, आश्रय गृह में रहने वाले सभी लोगों के लिए सुरक्षित आवास और पौष्टिक आहार की नि:शुल्क व्यवस्था होगा।

मनोज सिंह ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, डॉक्टरों और सामाजिक संगठनों से इस पुनीत कार्य में सहयोग देने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भटके हुए जीवन को दोबारा समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का एक मानवीय प्रयास है। बैठक में अवधेश सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, आलोक कुमार, हरि ओम, बैजनाथ, सोहनलाल सोनकर, सहित दर्जनों लोग थे।