जिला पंचायत अध्यक्ष ने छात्र संसद के नवनिर्वाचिक छात्र नेताओं को दिलाई शपथ, आचार्यों सहित विजेता छात्राओं को किया सम्मानित।

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अनुशासन ही महान नेतृत्व की जननी है: किशन चौधरी

श्री जी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में छात्र संसद का शपथ ग्रहण एवं आचार्य प्रतिभा सम्मान समारोह भव्यता के साथ संपन्न

मथुरा। श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में छात्र संसद के नवनिर्वाचित छात्र-नेताओं का शपथ ग्रहण समारोह तथा राष्ट्र निर्माता आचार्यों व मेधावी विद्यार्थियों का अभूतपूर्व प्रतिभा सम्मान समारोह अत्यंत दिव्य, भव्य और अलौकिक वातावरण में संपन्न हुआ। पूरा विद्यालय परिसर ऊर्जा, राष्ट्रभक्ति और गौरवमयी तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रभक्ति और कुशल नेतृत्व के प्रतीक, जिला पंचायत अध्यक्ष (मथुरा) एवं के.एम. यूनिवर्सिटी के चेयरमैन किशन चौधरी उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्रबंध समिति द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पार्चन के साथ हुआ। प्रधानाचार्य हरेंद्र सारस्वत ने मुख्य अतिथि किशन चौधरी का अंगवस्त्र, माला एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा उनके व्यक्तित्व का परिचय कराया।

मुख्य अतिथि किशन चौधरी ने नवनिर्वाचित छात्र संसद के प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, अध्यक्ष एवं छात्र मंत्री मंडल के सदस्यों को पद, कर्तव्यनिष्ठा और गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए उन्होंने कहा अनुशासन ही महान नेतृत्व की जननी है।

उन्होंने युवा छात्र-नेताओं को देश, धर्म और विद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्प, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी तथा शिक्षा क्षेत्र में समर्पित सेवा देने वाले आचार्यों को सम्मानित किया गया एवं विद्यालय की हॉकी प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

विद्यालय के प्रबंधक प्रो. (डॉ.) तेजपाल सिंह ने कहा कि शिक्षक ही समाज की रीढ़ हैं और उनका सम्मान साक्षात सरस्वती का सम्मान है।

मंच पर शिक्षाविद् व विद्यालय अध्यक्ष रमाकांत गोस्वामी, प्रबंधक प्रो. (डॉ.) तेजपाल सिंह एवं प्रधानाचार्य हरेंद्र सारस्वत मंचासीन रहे। छात्र संसद के प्रभारी कृष्णकांत मिश्र तथा समस्त आचार्य परिषद की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। प्रबंधकजी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सम्मानित गुरुजनों को बधाई दी और छात्र संसद के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में उन्होंने आए हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान की गूंज के साथ इस भव्य महा-समारोह का समापन हुआ।