करोड़ों की सड़क परियोजना पर जलभराव भारी, नगर निगम व विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर उठे सवाल।

Vijaydoot News

मथुरा। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए सड़क चौड़ीकरण एवं नाला निर्माण कार्य के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामूली बारिश में ही कई क्षेत्रों में जलभराव होने से लोगों में नगर निगम और विकास प्राधिकरण की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है।

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत हाईवे स्थित होटल गोवर्धन पैलेस से धौलीप्याऊ रेलवे फाटक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया गया। इस परियोजना के अंतर्गत सड़क के दोनों ओर नालों का निर्माण भी हुआ, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों का निर्माण तकनीकी खामियों के साथ किया गया है। अधिकांश स्थानों पर नालों की गोलाई और ढलान सही नहीं होने से पानी का बहाव बाधित हो जाता है और जल निकासी नहीं हो पाती।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार होटल गोवर्धन पैलेस के समीप स्थित इन्द्रप्रस्थ आवासीय कॉलोनी के पानी की निकासी का कोई स्थायी इंतजाम नहीं है। बारिश के दौरान कॉलोनी का पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

यह मार्ग शहर को रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग पर कई मैरिज होम, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं, जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। इसके बावजूद जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी के पास सड़क को कुछ स्थानों पर ऊंचा बना दिए जाने से नालों का पानी हीरा प्रेम हॉस्पिटल, चिरायु हॉस्पिटल और आसपास के खाली भूखंडों के साथ सड़क पर भर जाता है। अधिक वर्षा होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। इसके अलावा आसपास के मैरिज होम का गंदा पानी भी नालों के माध्यम से सड़क पर बहता है, जिससे गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कर विकास कार्यों का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाया जाए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।