सावन के तीसरे सोमवार पर नागपंचमी का उल्लास, शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

Vijaydoot News

नजीबाबाद। सावन माह के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी पर्व भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान शिवशंकर और नागदेवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर नाग-नागिन की आकृति अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

वेदपाठी पंडित मयंक भारद्वाज ने बताया कि नागपंचमी का पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन नागदेवता की पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को प्रिय माना जाता है और इस बार सोमवार के दिन ही नागपंचमी पड़ना श्रद्धालुओं के लिए विशेष संयोग माना गया।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर रवि योग, शुभ योग और शुक्ल योग का भी संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पूजा से कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव में कमी, वास्तु दोष से मुक्ति तथा सर्पदंश और शत्रु भय से रक्षा की कामना की जाती है।

नागपंचमी पर मुख्य रूप से अष्टनागों की पूजा का विधान बताया गया है। इनमें वासुकि, तक्षक, कालिया, मणिभद्रक, ऐरावत, धृतराष्ट्र, कार्कोटक और धनंजय शामिल हैं। इसके साथ ही सर्पों की अधिष्ठात्री देवी मनसा की पूजा भी की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार नागों का भगवान शिव से विशेष संबंध है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं, इसलिए नागपंचमी का पर्व शिव उपासना से भी गहराई से जुड़ा माना जाता है। नगर के शिवालयों में दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा और वातावरण भोलेनाथ के जयकारों से भक्तिमय बना रहा।